गेंद समझकर उठाया बम, खेलते-खेलते फटने से दो बच्चे घायल
ओडिशा के गंजाम जिले से एक बेहद दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। यहां बच्चों का एक साधारण खेल अचानक एक बड़े हादसे में बदल गया, जब गेंद समझकर उठाया गया एक संदिग्ध सामान दरअसल देसी बम निकला और खेलते-खेलते ही फट गया।
यह घटना कविसूर्यनगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत खाजापल्ली गांव की है। जानकारी के अनुसार, गांव में दो बच्चे खेल रहे थे। खेल के दौरान उन्हें जमीन पर पड़ा एक अजीब सा सामान दिखाई दिया। मासूम बच्चों ने उसे गेंद समझ लिया और उसके साथ खेलने लगे। उन्हें जरा भी अंदाजा नहीं था कि वह चीज कितनी खतरनाक हो सकती है।
खेलते-खेलते अचानक 14 साल के ओम प्रकाश भुइयां के हाथ में जोरदार धमाका हुआ। देसी बम के फटते ही जोर की आवाज गूंजी और पूरा इलाका दहल उठा। इस विस्फोट में ओम प्रकाश गंभीर रूप से घायल हो गया। वहीं उसके पास खड़ा 8 साल का गणेश भुइयां भी धमाके की चपेट में आ गया, हालांकि उसे हल्की चोटें आई हैं। धमाके के बाद दोनों बच्चे दर्द से चीखते-चिल्लाते जमीन पर गिर पड़े, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
घटना के तुरंत बाद परिजन और गांव के लोग दोनों बच्चों को इलाज के लिए कोदला कम्युनिटी हेल्थ सेंटर लेकर पहुंचे। वहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार किया, लेकिन ओम प्रकाश की हालत गंभीर देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए ब्रह्मपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। फिलहाल उसका इलाज वहीं चल रहा है। दूसरी ओर, गणेश भुइयां का इलाज कोदला सीएचसी में ही जारी है और उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
इस घटना के बाद पूरे गांव में डर और दहशत का माहौल है। लोगों को समझ नहीं आ रहा कि आखिर गांव के पास इतना खतरनाक विस्फोटक कैसे पहुंचा।
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई और जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि यह बम कहां से आया, किसने इसे यहां रखा और इसे लावारिस हालत में क्यों छोड़ा गया। फिलहाल विस्फोटक के स्रोत को लेकर कोई ठोस जानकारी सामने नहीं आई है।
यह हादसा बच्चों की सुरक्षा और खुले में पड़े खतरनाक सामान को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। ग्रामीणों ने मांग की है कि पूरे इलाके की गहन जांच की जाए और ऐसे खतरनाक वस्तुओं को तुरंत हटाया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
एक छोटी सी लापरवाही या अनदेखी कितनी बड़ी त्रासदी में बदल सकती है, गंजम की यह घटना इसका ताजा उदाहरण है। अब जरूरत है सतर्कता और सख्त कार्रवाई की, ताकि किसी और बच्चे की मासूमियत इस तरह के हादसे का शिकार न बने।
